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प्रधानमंत्री की मितव्ययता अपील स्वदेशी का ही आह्वान हैः एसजेएम

स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मितव्ययता संबंधी प्रयासों से भारत की दूसरे देशों पर निर्भरता कम होगी और बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

एसजेएम की यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब मोदी ने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्रा को स्थगित करने जैसे उपायों का आह्वान किया। 

एसजेएम के राष्ट्रीय सह-संयोजक डॉ. अश्वनी महाजन ने एक बयान में कहा कि इन सभी उपायों का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत करना है। उन्होंने कहा, ‘‘स्वदेशी जागरण मंच का दृढ़ विश्वास है कि प्रधानमंत्री की अपील स्वदेशी (स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्तुओं का उपयोग) का आह्वान मात्र है।’’

महाजन ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने से न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि आपूर्ति में व्यवधान के कारण होने वाली कमी से प्रभावी ढंग से निपटने में भी देश को मदद मिलेगी।

पश्चिम एशिया संघर्ष का जिक्र करते हुए महाजन ने कहा कि एसजेएम आपूर्ति में व्यवधान और बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए आयातित तेल एवं गैस पर निर्भरता कम करने की अपील करता रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की सशक्त अपील का राष्ट्रीय मानसिकता पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। इससे न केवल लोग पेट्रोलियम उत्पादों की खपत कम करने के लिए प्रोत्साहित होंगे, बल्कि वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और उद्योगों को भी रोजमर्रा की जरूरतों में पेट्रोलियम उत्पादों के स्थान पर नए विकल्पों की खोज करने की प्रेरणा मिलेगी।’’

उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा उपकरणों, पवन ऊर्जा उपकरणों जैसे स्वच्छ प्रौद्योगिकी एवं हरित ऊर्जा में भारत के आत्मनिर्भर बनने पर जोर देते हुए कहा, ‘‘एक बार जब भारत स्वच्छ ऊर्जा और प्रौद्योगिकी विनिर्माण में आत्मनिर्भर हो जाएगा, तो देश न केवल कच्चे तेल के आयात के लिए तेल उत्पादक और निर्यातक देशों पर अपनी निर्भरता कम करेगा, बल्कि सौर एवं पवन ऊर्जा उपकरण, इलेक्ट्रिक वाहन के पुर्जे और अन्य उत्पादों के लिए चीन और अन्य देशों पर अपनी निर्भरता भी कम करेगा।’’

मालूम हो कि गत दिनों हैदराबाद (तेलंगाना) में प्रदेश भाजपा द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए, मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के बीच विदेशी मुद्रा संरक्षण के लिए पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो सेवाओं का उपयोग करने, कार पूलिंग करने, इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करने, पार्सल परिवहन के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और घर से काम करने का सुझाव दिया था।

https://hindi.theprint.in/india/pms-appeal-for-frugality-is-a-call-for-swadeshi-sjm/970719/
 

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