स्वदेशी जागरण मंच, तेलंगाना के तत्वावधान में सेमिनार का आयोजन एफटीसीसीआई सुराना ऑडिटोरियम, हैदराबाद में किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 50 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सेमिनार में भारत के निर्यात पर प्रभाव डालने वाली चुनौतियों तथा उन्हें दूर करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि पिछली तीन शताब्दियों में भारत ने अनेक औद्योगिक अवसर खो दिए थे, किंतु आज स्वदेशी नवाचारों के बल पर भारत विश्व अर्थव्यवस्था में नेतृत्व की भूमिका निभाने की स्थिति में है।
स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-संयोजक डॉ. अश्वनी महाजन ने कहा कि देश के विकास मार्ग में पूंजी की कमी, परिवहन सुविधाओं का अभाव, नीतिगत देरी तथा भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं अब भी बाधक हैं, परंतु सरकार और उद्योग जगत के समन्वय से इन्हें दूर किया जा सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में प्रो. अश्विनी महाजन, स्वदेशी जागरण मंच अखिल भारतीय सह संयोजक; श्री सतीश कुमार, अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री, स्वदेशी जागरण मंच; श्री विद्या सागर, चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, सागर एशिया; तथा डॉ. एस. लिंगमूर्ति, दक्षिण मध्य क्षेत्र संयोजक, स्वदेशी जागरण मंच प्रमुख रूप से शामिल रहे।
वक्ताओं ने देशी उद्योगों को सशक्त करने, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने तथा निर्यात क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग को प्रोत्साहित करने पर बल दिया तथा कहा कि भारत को अब अपने व्यापारिक दृष्टिकोण में परिवर्तन लाना होगा और गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता पर विशेष ध्यान देना होगा ।
वक्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि अमेरिका द्वारा हाल ही में लगाए गए शुल्क भारत के लिए छिपे हुए अवसर सिद्ध हो सकते हैं, जो देश को और अधिक आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करेंगे।
स्वदेशी जागरण मंच देशभर में इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से उद्योग जगत और नीतिनिर्माताओं से आह्वान कर रहा है कि वे मिलकर आत्मनिर्भर भारत और मजबूत निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण हेतु कार्य करें।

